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1 नवंबर से सभी इनकमिंग कॉल में दिखेगा Caller का नाम, सरकार का सख्त आदेश

 Written By: Harshit Harsh
 Published : Oct 15, 2026 12:15 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 12:29 pm IST

दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को आदेश दिया है कि 1 नवंबर पर इनकमिंग कॉल्स में कॉलर का नाम दिखाना अनिवार्य होगा। इस आदेश को सख्ती के साथ पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

CNAP- India TV Hindi
इनकमिंग कॉल में दिखेगा कॉलर का नाम Image Source : UNSPLASH

Highlights

  • सरकार ने 1 नवंबर से CNAP को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है।
  • 1 नवंबर से फोन पर आने वाले इनकमिंग कॉल्स में कॉलर का नाम दिखाई देगा।
  • इसकी वजह से अनजान नंबरों से होने वाले फ्रॉड को रोकने में मदद मिल सकती है।

1 नवंबर से आपके फोन पर आने वाले हर इनकमिंग कॉल में कॉलर का नाम दिखाई देगा। सरकार ने CNAP यानी कॉलर नेम रिप्रंजेंटेशन को मेन्डेटरी कर दी है। दूरसंचार विभाग ने इसे सख्ती के साथ सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स या सर्विस प्रोवाइडर्स को पालन करने के लिए कहा है। अब आपके फोन पर आने वाले इनकमिंग कॉल में वो नाम दिखाई देगा, जिसे सिम लेते समय KYC डॉक्यूमेंट के तौर पर दिया गया था।

क्या है DoT का आदेश?

DoT ने अपने आदेश में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को कहा है कि 1 नवंबर से CNAP यानी कॉलर नेम रिप्रजेंटेशन हर 4G और 5G मोबाइल नेटवर्क के लिए अनिवार्य हो गया है। सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स इसका सख्ती से पालन करेंगे। CNAP के लागू होने के बाद हर इनकमिंग कॉल में Caller का नाम दिखाई देगा। टेलीकॉम कंपनियां इसे फिलहाल अलग-अलग टेलीकॉम सर्किल में टेस्ट कर रही है।

दूरसंचार विभाग ने अपने आदेश में 2G और 3G मोबाइल नेटवर्क वाले यूजर्स के लिए इसे लेकर कोई आदेश नहीं दिया है। 2G और 3G नेटवर्क के साथ-साथ टेलीफोन नंबर के लिए CNAP लागू करने की व्यवस्था के बारे में अलग से ऑर्डर जारी किया जाएगा।

यहां देखें आदेश

क्या है CNAP?

CNAP यानी कॉलर नेम रिप्रजेंटेशन दूरसंचार विभाग द्वारा लागू की गई नई सुविधा है, जिसमें फोन पर आने वाले इनकमिंग कॉल्स में कॉलर का नाम दिखाई देता है। यह ट्रू-कॉलर या अन्य कॉलर आईडी वाले ऐप्स से बिलकुल अलग है। इसमें रिसीवर को कॉलर का वही नाम दिखाई देगा, जिस आईडी से सिम कार्ड खरीदा गया है। CNAP सर्विस में कॉलर के नाम पर CAF यानी कंज्यूमर अप्लिकेशन फॉर्म में दिए गए नाम को डिस्प्ले किया जाता है, जिसकी वजह से रिसीव करने वाले यूजर को यह आसानी से पता चल जाएगा कि ये कॉल किसने किया है। इस तरह से स्कैम या फ्रॉड वाले कॉल्स को पूरी तरह से रोका जा सकेगा।

क्या होगा फायदा?

CNAP लागू होने के बाद यूजर्स को किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल में कॉलर का नाम आसानी से पता चल जाएगा। ऐसे में फर्जी कॉल के जरिए किए जाने वाले स्कैम से बचा जा सकेगा। फर्जी कॉल्स के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

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